डोभाल से वार्ता करेंगे सरताज अजीज

इस्लामाबाद | समाचार डेस्क: पाकिस्तान के सरताज अजीज भारत के अजीत डोभाल से वार्ता करने भारत आ रहें हैं. सरताज अजीज ने कहा कि उनकी इस यात्रा से दोनों देशों के रिश्तों पर जमी बर्फ कुछ पिघलेगी. उल्लेखनीय है कि प्रदानमंत्री मोदी की रूस यात्रा के समय इस वार्ता के लिये सहमति बनी थी. पाकिस्तान के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार सरताज अजीज ने तमाम कयासों पर विराम लगाते हुए गुरुवार को कहा कि वह अपने भारतीय समकक्ष अजीत डोभाल के साथ वार्ता के लिए 23 अगस्त को भारत दौरे पर जाएंगे. पाकिस्तान दौरे पर आए ईरान के विदेश मंत्री के साथ एक संयुक्त संवाददाता सम्मेलन के दौरान एक सवाल के जवाब में अजीज ने कहा, “मैं इस बात की पुष्टि कर सकता हूं कि मैं 23 अगस्त को भारत जा रहा हूं.”

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री नवाज शरीफ तथा उनके भारतीय समकक्ष नरेंद्र मोदी ने बीते महीने रूस के उफा में इस बात पर सहमति जताई थी कि दोनों देशों के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकारों को आतंकवाद से संबंधित सभी मुद्दों पर चर्चा के लिए बैठक करनी चाहिए.


पाकिस्तानी उच्चायुक्त के साथ अलगाववादियों की मुलाकात के बाद भारत ने पाकिस्तान के साथ उच्च स्तरीय कूटनीतिक वार्ता को बीते साल अगस्त में अचानक रद्द कर दिया था.

साल 2008 में मुंबई पर आतंकवादी हमले के बाद भारत ने पाकिस्तान के साथ चल रही समग्र वार्ता को भी बंद कर दिया था.

अजीज ने कहा, “सुरक्षा वार्ता का मतलब यह नहीं कि समग्र वार्ता शुरू हो गई है. बैठक से दोनों देशों के रिश्तों के बीच जमी बर्फ पिघलेगी और कुछ महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा होगी.”

उन्होंने कहा, “प्रधानमंत्री नवाज शरीफ का मानना है कि वार्ता मुद्दों के शांतिपूर्ण समाधान का एकमात्र विकल्प है.”

रूस के उफा में दोनों देशों के प्रधानमंत्रियों की बैठक के बाद भारत ने राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकारों के बीच वार्ता के लिए 23-24 अगस्त की तारीख का सुझाव दिया था, लेकिन पाकिस्तान ने तारीख की पुष्टि करने से इंकार कर दिया था.

उफा में बैठक के बाद दोनों पड़ोसी देशों के बीच बढ़ते तनाव ने वार्ता पर प्रश्न चिन्ह लगा दिया था.

गुरदासपुर तथा उधमपुर में संदिग्ध पाकिस्तानी आतंकवादियों के हमले ने तनाव में और इजाफा कर दिया.

बीते सप्ताह भारत ने जम्मू एवं कश्मीर के विधानसभा अध्यक्ष को आमंत्रित न करने के विरोध स्वरूप इस्लामाबाद में राष्ट्रमंडल संसदीय बैठक का बहिष्कार करने का फैसला किया था.

पाकिस्तान ने जम्मू एवं कश्मीर को छोड़कर भारत के सभी राज्यों के विधानसभा अध्यक्षों को आमंत्रित किया था. उसने इस बात का हवाला दिया था कि जम्मू एवं कश्मीर एक विवदित क्षेत्र है.

पाकिस्तान ने 27 जुलाई को गुरदासपुर में हुए हमले में किसी तरह की संलिप्तता से इंकार किया है, जिसमें तीन आतंकवादी सीमा पर घुसपैठ कर भारत में घुसे और सात लोगों को मार डाला. तीनों आतंकवादियों को हालांकि 11 घंटे तक चली मुठभेड़ के दौरान मार गिराया गया.

वहीं, जम्मू एवं कश्मीर में पांच अगस्त को एक पाकिस्तानी आतंकवादी को मार गिराया गया, जबकि एक को जिंदा पकड़ लिया गया. उन्होंने उधमपुर में सीमा सुरक्षा बल के एक वाहन पर हमला कर दिया था, जिसमें दो सुरक्षाकर्मी शहीद हो गए थे.

पाकिस्तानी अधिकारियों ने इस बात से इंकार किया है कि पकड़ा गया युवक उस्मान उनके देश का है.

इसके अलावा, सीमा पार से गोलीबारी की भी कई घटनाएं सामने आई हैं.

पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता काजी खलीलुल्लाह ने कहा कि उनकी सरकार सुरक्षा वार्ता के एजेंडे पर काम कर रही है.

जम्मू एवं कश्मीर में सीमा पर गोलीबारी से दोनों देशों के बीच तनाव बढ़ गया है, जिसके मद्देनजर पाकिस्तान-भारत के बीच वार्ता को महत्वपूर्ण माना जा रहा है.

दोनों देशों ने एक दूसरे पर नियंत्रण रेखा पर 2003 के संघर्ष विराम के उल्लंघन का आरोप लगाया है.

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