सिरपुर महोत्सव में आयोजित होंगी कार्यशालाएं

रायपुर | एजेंसी: भारतीय इतिहास में दक्षिण कोशल की राजधानी श्रीपुर के नाम से चिह्नंकित छत्तीसगढ़ के सिरपुर में राष्ट्रीय संगीत एवं नृत्य महोत्सव के अंतर्गत पहली बार तीन प्रमुख कार्यशालाओं का भी आयोजन किया जाएगा. मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह चार जनवरी को शाम 5.30 बजे सिरपुर महोत्सव का शुभारंभ करेंगे.

राज्य सरकार के पर्यटन विभाग के उपक्रम ‘छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल’ द्वारा इस महीने की चार तारीख से छह तारीख तक अखिल भारतीय स्तर के इस महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है. महोत्सव के तीन दिवसीय आयोजन में प्रतिदिन शाम को सांस्कृतिक कार्यक्रम भी होंगे.

इसके अलावा महोत्सव में तीन दिनों तक प्रतिदिन सवेरे 10 बजे से शाम पांच बजे तक बच्चों और युवाओं के लिए जिन कार्यशालाओं का आयोजन किया जाएगा. उनमें छत्तीसगढ़ के प्रमुख पारंपरिक वाद्य यंत्रों के निर्माण का प्रशिक्षण, छत्तीसगढ़ के ही प्रमुख लोक नृत्यों और शिल्प, टेरोकोटा का प्रशिक्षण शामिल है.

सिरपुर में पर्यटन मंडल द्वारा आयोजित यह दूसरा राष्ट्रीय नृत्य और संगीत महोत्सव है, लेकिन इस बार इसमें छत्तीसगढ़ के शिल्प और यहां की कलाओं पर कार्यशाला भी आयोजित की जा रही है जो अपने किस्म की पहली कार्यशाला होगी.

प्रदेश के प्रमुख और लगभग विलुप्त प्राय वाद्ययंत्रों के निर्माण का प्रशिक्षण इस कार्यशाला का एक प्रमुख आकर्षण होगा, जिसमें लोगों को तम्बूरा, मोहरी रून्झु, गटका, घुमड़ा, खंजरी, ढोलक, चरहे, खिरखिट्टी, नगदेवन, बीन आदि बनाने की विधि बताई जाएगी.

इसी तरह राज्य के कर्मा, पंथी, सुआ, भोजली, ददरिया आदि प्रमुख लोक नृत्यों का भी प्रशिक्षण दिया जाएगा. राज्य के प्रसिद्ध हस्तशिल्प टेराकोटा की कार्यशाला में मिट्टी से आकृतियां गढ़ने का प्रशिक्षण मिलेगा.

छात्र-छात्राओं को कार्टून बनाने और उसके प्रदर्शन की विधि भी बताई जाएगी. इन कार्यशालाओं में प्रशिक्षण देने के लिए पर्यटन मंडल ने कुशल प्रशिक्षकों को आमंत्रित किया है.


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