कॉर्टिकोस्टेरॉयड बच्चों के विकास में बाधक

लंदन | एजेंसी: दमा से पीड़ित वैसे बच्चे जो कॉर्टिकोस्टेरॉयड दवा का सेवन इनहेलर द्वारा करते हैं, उनका विकास कम होने का जोखिम होता है. एक अध्ययन में यह बात सामने आई है.

ब्राजील के फेडरल यूनिवर्सिटी ऑफ रियो ग्रांड के मुख्य अध्ययनकर्ता लिंजी झैंग ने कहा, “वैसे बच्चे जो कॉर्टिकोस्टेरॉयड दवा का सेवन इनहेलर द्वारा रोजाना करते हैं, उनकी लंबाई इलाज के पहले साल के दौरान करीब एक सेंटीमीटर कम बढ़ती है.”

नया अध्ययन, विकास दर पर इनहेलर का प्रभाव दो नई व्यवस्थित समीक्षा पर केंद्रित है.

बच्चों और वयस्कों में स्थायी दमा की स्थिति में डॉक्टर सबसे पहले इनहेलर द्वारा कॉर्टिकोस्टेरॉयड के सेवन की सलाह देते हैं.

पहली व्यवस्थित समीक्षा 18 साल की उम्र तक के 8,471 लोगों पर हुए परीक्षण पर केंद्रित है, जिन्हें हल्की से मध्यम स्थायी दमा की शिकायत है.

इस परीक्षण में यह बात सामने आई कि गैर स्टेरॉयड दवा का सेवन करने वालों की तुलना में इनहेलर विकास दर को कम करता है.

दूसरे परीक्षण में शोधकर्ताओं ने 22 परीक्षणों से प्राप्त उन आंकड़ों का अध्ययन किया, जिन्हें कम या मध्यम मात्रा में इनहेलर द्वारा कॉर्टिकोस्टेरॉयड दिया गया था.

कम मात्रा में इनहेलर के सेवन से पहले साल में लंबाई में एक सेंटीमीटर की चौथाई वृद्धि होती है.

झांग कहते हैं, “पहले कुछ वर्षो तक ही यह प्रभाव दिखता है और यह प्रभाव दमा में इस दवा के ज्ञात लाभ की तुलना में नगण्य है.”

शोधकर्ता के मुताबिक, दमा से पीड़ित बच्चों को कॉर्टिकोस्टेरॉयड की न्यूनतम प्रभावी खुराक दी जानी चाहिए.

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