अग्नि-4 ने भारत की सैन्य क्षमता बढ़ाई

भुवनेश्वर | एजेंसी: भारत ने लंबी दूरी तक सतह से सतह तक मार करने वाले अग्नि-4 मिसाइल का सफल परीक्षण सोमवार को किया है. यह अग्नि मिसाइल परमाणु हथियार ले जाने में सक्षम है. इसका परीक्षण ओडीसा के सैन्य अड्डे से किया गया है.

नई पीढ़ी की इस मिसाइल का परीक्षण राजधानी भुवनेश्वर से करीब 200 किलोमीटर दूर भद्रक जिले में धर्मा के निकटवर्ती तट के व्हिलर द्वीप पर एक मोबाइल लांचर से किया गया. मिसाइल 4,000 किलोमीटर की दूरी पर स्थित अपने लक्ष्य को भेदने में सक्षम है.


20 मीटर लंबी मिसाइल का वजन 17 टन के आसपास है और इसमें दो चरणों वाले ठोस प्रणोदन हैं. दुनिया में अपनी तरह की पहली मिसाइल मानी जाने वाली इस मिसाइल का पिछला परीक्षण 19 सितंबर, 2012 को इसी सैन्य अड्डे से हुआ था. परीक्षण सफल रहा था.

अग्नि मिसाइल के सफल परीक्षम से भारत की सैन्य क्षमता मे वृद्धि हुई है. अग्नि मिसाइल मध्यम से अंतरमहाद्विपीय दुरी तक मार करने में सक्षम प्रक्षेपास्त्रों का समूह है. जो भारत के एकीकृत निर्देशित मिसाइल विकास कार्यक्रम द्वारा स्वदेशी तकनीक से विकसित की गईं हैं.

अग्नि मिसाइल

अग्नि-१ मिसाइल मध्यम दुरी का बैलिस्टिक प्रक्षेपास्त्र है जो 700 – 1,250 किलोमीटर तक मार कर सकता है.
अग्नि-२ मिसाइल मध्यवर्ती दुरी का बैलिस्टिक प्रक्षेपास्त्र है जो 2,000 – 3,000 किलोमीटर तक मार कर सकता है.
अग्नि-३ मिसाइल मध्यवर्ती दुरी का बैलिस्टिक प्रक्षेपास्त्र है जो 3,500 – 5,000 किलोमीटर की मारक क्षमता वाला है.
अग्नि-४ मिसाइल मध्यवर्ती दुरी का बैलिस्टिक प्रक्षेपास्त्र है जो 3,000 – 4,000 किलोमीटर तक मार कर सकता है. जिसका कि अभी परीक्षण किया गया है.
अग्नि-५ मिसाइल अंतरमहाद्विपीय बैलिस्टिक प्रक्षेपास्त्र है जो 5,000 – 8,000 किलोमीटर तक मारक क्षमता से युक्त है.
अग्नि-६ मिसाइल अंतरमहाद्विपीय बैलिस्टिक प्रक्षेपास्त्र 8,000 – 10,000 किलोमीटर तक मार करने की क्षमता वाला होगी. यह अभी विकास के दौर से गुजर रहा है.

एकीकृत निर्देशित मिसाइल विकास कार्यक्रम

यह कार्यक्रम भारत सरकार के रक्षा मंत्रालय द्वारा चलाया जा रहा है. इसकी जिम्मेदारी डीआरडीओ को दिया गया है. इस कार्यक्रम के तहत पूर्व राष्ट्रपति अब्दुल कलाम ने भी काम किया था.

अन्य मिसाइल

पृथ्वी मिसाइल सतह से सतह में कम दूरी तक मार कर सकता है. वहीं अग्नि मिसाइल सतह से सतह तक मध्यम से दूर तक मार कर सकता है. त्रिशूल मिसाइल सतह से हवा में मार कर सकता है कम दूरी तक. वहीं आकाश मिसाइल मध्यम दूरी तक सतह से हवा तक मारक क्षमता वाला है. इसके अलावा भारत नाग मिसाइल पर भी काम कर रहा है जो टैंक भेदी है.

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