गैस के मूल्य पर नोटिस

नई दिल्ली | एजेंसी : सर्वोच्च न्यायालय ने वर्ष 2014 में गैस की कीमत 42 लाख ब्रिटिश थर्मल यूनिट (एमएमबीटीयू) से बढ़ाकर 84 लाख एमएमबीटीयू करने के केंद्र सरकार के हाल के निर्णय पर सोमवार को केंद्र सरकार और रिलायंस इंडस्ट्रीज को नोटिस जारी किया है.

सर्वोच्च न्यायालय के प्रधान न्यायाधीश न्यायमूर्ति पी. सतशिवम की अध्यक्षता वाली पीठ ने एक जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए केंद्र सरकार और रिलायंस इंडस्ट्रीज को नोटिस जारी कर चार सप्ताह के भीतर जवाब देने को कहा है. मामले की अगली सुनवाई छह सितंबर को होगी. रिलायंस इंडस्ट्रीज की ओर से वरिष्ठ वकील हरीश साल्वे ने नोटिस स्वीकार किया.


जनहित याचिका भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) के वरिष्ठ नेता गुरुदास दासगुप्ता की ओर से दायर की गई थी. उन्होंने इसमें दावा किया है कि गैस की कीमत बढ़ाने का फैसला केंद्र सरकार ने देश की अर्थव्यवस्था, खासकर बिजली तथा ऊर्वरक के क्षेत्र में पड़ने वाले नकारात्मक परिणामों को ध्यान में रखे बगैर लिया गया.

दासगुप्ता ने दावा किया कि गैस की कीमत बढ़ाने का निर्णय कैबिनेट स्तर के पांच मंत्रियों के विरोध के बावजूद लिया गया था.

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