कम बारिश से चाय उत्पादन घटा

अगरतला | समाचार डेस्क: अनियमित और कम बारिश के कारण ताय का उत्पादन घटा. गौरतलब है कि पूर्वोत्तर के दो बड़े चाय उत्पादक राज्य असम और त्रिपुरा उत्पादन में भारी नुकसान की समस्या से जूझ रहे हैं. यह जानकारी चाय विशेषज्ञ और उत्पादकों ने दी है.

भारत के 14 चाय उत्पादक राज्यों में असम और त्रिपुरा हैं. असम सालाना 60-62 करोड़ किलोग्राम, जबकि त्रिपुरा 95 लाख किलोग्राम चाय का उत्पादन करता हैं.


भारत के दूसरे प्रमुख चाय उत्पादक राज्य पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु और केरल हैं.

भारत ने 2013-14 के दौरान 122.44 करोड़ किलोग्राम चाय का उत्पादन किया, जबकि 2012-13 के दौरान यह 113.50 करोड़ किलोग्राम था.

भारतीय चाय समिति के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, इस साल देश के चाय के कुल उत्पादन में गिरावट असम में कम उत्पादन की वजह से हुई है.

इसी अधिकारी ने बातचीत में कहा, “जनवरी से अप्रैल के दौरान कुल चाय उत्पादन 14.45 करोड़ किलोग्राम था, जबकि इसी समयावधि में पिछले साल यह 16.11 करोड़ किलोग्राम था. उत्पादन में यह गिरावट मूलत: कम बारिश ही नहीं, बल्कि गर्म हवाओं के कारण भी हुई.”

पूर्वोत्तर चाय संगठन के अध्यक्ष विद्यानंद बरकाकोटी ने एक बातचीत में कहा, “कम और स्थानीय बारिश के चलते 2014 में उत्पादन में कुल 10 फीसदी नुकसान का अंदेशा है, जो 6 करोड़ किलोग्राम चाय के आसपास होगा. इस साल अप्रैल के अंत तक करीब 50 फीसदी अर्थात् करीब तीन करोड़ किलोग्राम तक कम उत्पादन दर्ज की गई थी.”

असम के चाय उत्पादन के कुल क्षेत्र के 60 फीसदी हिस्से में सिंचाई की समुचित सुविधा नहीं है. कुछ ऐसा ही हाल त्रिपुरा का भी है.

चाय उत्पादकों को अनुदान की मांग पर बरकाकोटी कहते हैं, “अगर सिंचाई को निश्चित करने वाली कुछ योजनाएं लाई जाती हैं, तो इससे खासकर छोटे चाय उत्पादकों को बहुत लाभ होगा. इससे पूर्वोत्तर भारत के चाय उत्पादकों को बल मिलेगा.”

जाने-माने चाय विशेषज्ञ पी.के. सरकार कहते हैं, “प्रतिकूल वातावरण और तापमान में वृद्धि से चाय की पत्तियां झुलस जाती हैं, यह समस्या पूरे पूर्वोत्तर भारत के चाय उत्पादकों की है.”

भारत में चाय उत्पादन करीब 1700 किलोग्राम प्रति हेक्टेयर है, जिसमें असम, पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु और केरल का हिस्सा 98 फीसदी है.

चाय उत्पादन के मामले में भारत चीन के बाद दुनिया का सबसे बड़ा उत्पादक देश है, जबकि खपत के मामले में पहला.

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