सुषमा-मनीष में घमासान

नई दिल्ली: उत्तराखंड की प्रलयकारी बाढ़ को लेकर कांग्रेस-भाजपा में आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरु हो गया है. बाढ़ से निपटने में बहुगुणा सरकार को नाकाम बताते हुए लोकसभा में विपक्ष की नेता सुषमा स्वराज ने मांग की है कि राज्य सरकार को बर्खास्त कर दिया जाना चाहिए. इसका जवाब देते हुए सूचना प्रसारण मंत्री मनीष तिवारी ने उल्टा सवाल किया कि क्यों दोनों सदनों में विपक्ष के नेता उत्तराखंड नहीं गए?

ट्विटर पर सुषमा ने लिखा है कि आपदा प्रबंधन के लिए उत्तराखंड सरकार के पास कोई तैयारी नहीं थी जो कि उसकी नाकाबिलियत को दर्शाता है. सुषमा लिखती हैं, `मुझे दुख के साथ कहना पड़ रहा है कि आपदा की घड़ी में उत्तराखंड की सरकार अपेक्षा पर खरी नहीं उतर पाई. ऐसी अकुशल और नकारा सरकार को बर्खास्त कर देना चाहिए. दुर्भाग्य से केंद्र की सरकार भी अपेक्षित नेतृत्व नहीं दे पाई’.

उन्होंने यह भी कहा कि राज्य सरकार की नाकामी की सज़ा आम लोगों को मिल रही है. यह पहला मौका था जब भाजपा उत्तराखंड बाढ़ प्रबंधन को लेकर राज्य की बहुगुणा सरकार के खिलाफ खुल कर सामने आई.

उधर सुषमा स्वराज के ट्वीट का जवाब देते हुए कांग्रेस प्रवक्ता मनीष तिवारी ने उल्टे भाजपा को कटघरे में लेते हुए कहा है कि दोनों सदनों के विपक्ष के नेताओं ने उत्तराखंड पीड़ितों के प्रति न तो कोई संवेदना जाहिर की और न ही दौरा किया फिर भी इस तरह की पार्टी कांग्रेस नेताओं के दौरों पर सवाल उठा रही है. उन्होंने भाजपा पर त्रासदी को लेकर राजनीति करने का आरोप लगाया.

तिवारी के आरोपों का जवाब देते हुए सुषमा ने कहा है कि भाजपा नेताओं ने इसीलिए उत्तराखंड नहीं गए क्योंकि गृहमंत्री सुशील कुमार शिंदे ने कहा था कि ‘खुद उनके सहित किसी को भी कहीं भी जाने की अनुमति नहीं है.’ सुषमा ने कहा कि कांग्रेस सिर्फ दूसरों पर उल्टे आरोप लगा कर अपनी गलतियां छुपाने का काम करती है, लेकिन विपक्ष उसे ऐसा करने नहीं देगा.

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