#VijayMallya भारत का भगोड़ा घोषित

मुंबई | समाचार डेस्क: शराब कारोबारी विजय माल्या को भारत का भगोड़ा घोषित कर दिया गया है. कानून के अनुसार अब यदि वह एक माह के भीतर समर्पण नहीं करता है तो उसकी संपत्ति जब्त की जा सकती है. ईडी के अनुरोध पर विजय माल्या को भगोड़ा घोषित किया गया है. उल्लेखनीय है कि सरकारी एजेंसियों के सामने ही पासपोर्ट दिकाकर विजय माल्या देश से चार माह पहले उड़ गया था. उसके पहले ही यह बात सर्व विदित हो चुकी थी कि उसने भारतीय बैंकों से 9000 करोड़ रुपयों का कर्ज ले रखा है तथा उसे लौटा नहीं रहा है.

विजय माल्या पर सोशल मीडिया में गुस्सा-


गणेश तिवारी

मालू सिंह

सही पकड़े हैं

शरद पंडित

एक विशेष अदालत ने यहां मंगलवार को शराब कारोबारी विजय माल्या को ‘भगोड़ा’ घोषित कर दिया. माल्या को, ऋण नहीं चुकाने और काले धन को सफेद करने के चल रहे मामले में भगोड़ा घोषित किया गया है. प्रीवेंशन ऑफ मनी लाउंडरिंग एक्ट की विशेष अदालत के न्यायाधीश पी.आर. भावके ने प्रवर्तन निदेशालय के 10 जून को दाखिल किए गए एक आवेदन को स्वीकार करते हुए माल्या के विरुद्ध सार्वजनिक घोषणा जारी की.

अदालत ने कहा, “ईडी के आवेदन को स्वीकार किया जाता है और विजय माल्या के विरुद्ध सार्वजनिक घोषणा जारी की जाती है.”

सोमवार को ईडी के वकील नितिन वेनगांवकर ने विशेष न्यायाधीश भावके से माल्या को भगोड़ा घोषित करने का अनुरोध किया था, ताकि उन्हें ब्रिटेन से देश लाया जा सके. माल्या करीब चार महीने से ब्रिटेन में हैं.

अपनी याचिका में ईडी ने कहा था कि माल्या ने उनके विरुद्ध दर्ज कई मामलों और जांच कार्रवाइयों से जुड़े उन्हें भेजे गए कई समन और गैर-जमानती गिरफ्तारी वारंट पर प्रतिक्रिया नहीं दी. इसे देखते हुए ईडी ने विशेष अदालत से अपराध प्रक्रिया संहिता की धारा 82 के तहत 61 वर्षीय माल्या को ‘भगोड़ा’ घोषित किए जाने की मांग की थी.

वेनगांवकर ने कहा कि कानून के मुताबिक घोषित भगोड़ा को 30 दिनों के भीतर अदालत के सामने उपस्थित होना होता है. ऐसा नहीं करने पर सरकार बकाए की वसूली के लिए उनकी संपत्ति जब्त कर उसे बेच सकती है.

दो दिन पहले माल्या ने उन पर लगाए गए सभी आरोपों को गलत बताया था और अपने विरुद्ध चल रही जांच को अत्यधिक पक्षपातपूर्ण बताते हुए कहा था कि बगैर सुनवाई के ही उन्हें गुनहगार घोषित कर दिया गया.

माल्या के विरुद्ध रेड कॉर्नर नोटिस जारी किए जाने के लिए ईडी इंटरपोल से संपर्क स्थापित कर चुका है.

केंद्र सरकार ने अप्रैल में माल्या का पासपोर्ट रद्द कर दिया था और ब्रिटिश अधिकारियों से उनके प्रत्यर्पण के लिए औपचारिक अनुरोध किया था.

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