व्यापमं फर्जीवाड़ा: पूर्व मंत्री से पूछताछ

भोपाल | एजेंसी: मध्यप्रदेश के पूर्व मंत्री से एसटीएफ ने पूछताछ की. मध्य प्रदेश में संविदा शिक्षक भर्ती मामले में हुए फर्जीवाड़े में पूर्व मंत्री लक्ष्मीकांत शर्मा से सोमवार को विशेष कार्यदल, एसटीएफ ने पूछताछ की.

पांच घंटे चली पूछताछ के बाद शर्मा को छोड़ दिया गया. राज्य में व्यावसायिक परीक्षा मंडल ने संविदा शिक्षकों की भर्ती के लिए परीक्षा आयोजित की थी.

गौरतलब है कि इस परीक्षा में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी का खुलासा होने के बाद एसटीएफ व्यापमं के अधिकारियों तथा अन्य लोगों से पूछताछ कर रही है. इस गड़बड़ी में पूर्व मंत्री शर्मा पर भी उंगली उठी थी.

पूर्व मंत्री शर्मा से एसटीएफ पहले भी पूछताछ कर चुकी है, सोमवार को फिर शर्मा से पूछताछ हुई. लगभग पांच घंटे तक चली पूछताछ के बाद शर्मा ने संवाददाताओं से चर्चा करते हुए खुद को निर्दोष बताया और कहा कि वह पहले भी बिना बुलाए एसटीएफ के पास अपने बयान दर्ज कराने आ चुके हैं.

पिछले दिनों उन्हें एसटीएफ ने सूचना दी तो वह फिर पूछताछ के लिए आए. उनसे जो पूछा गया, उसका उन्होंने जवाब दिया.

शर्मा का कहना है कि उन्होंने मंत्री रहते हुए अपनी जिम्मेदारी का ईमानदारी से निर्वाहन किया और वह उम्मीद करते हैं कि उन्हें न्याय मिलेगा. एसटीएफ की कार्रवाई पर शर्मा ने संतोष जताया.

व्यापमं फर्जीवाड़ा
मध्य प्रदेश में चिकित्सा महाविद्यालयों में दाखिले से लेकर कई नौकरियों में भर्ती के लिए व्यावसायिक परीक्षा मंडल, व्यापमं द्वारा आयोजित की जाने वाली परीक्षाओं में हुए फर्जीवाड़े से हकीकत उजागर हुई थी.

गौरतलब है कि मध्यप्रदेश में पिछले सात वर्ष में व्यापमं ने पीएमटी से लेकर पुलिस आरक्षक, उपनिरीक्षक, परिवहन निरीक्षक, संविदा शिक्षक भर्ती सहित कई परीक्षाएं आयोजित की है. पीएमटी मे हुए फर्जीवाड़े के खुलासे के बाद खुली परत दर परत ने राज्य में व्यापमं की परीक्षाओं को ही सवालों के घेरे में ला दिया है.

व्यापमं द्वारा आयोजित की जाने वाली सबसे महत्वपूर्ण परीक्षा पीएमटी के जरिए बीते सात वर्षों में जिस तरह से बड़ी संख्या में नाकाबिल युवकों को चिकित्सक बनाया गया है, उसने नौकरशाह, सफेदपोश और दलालों के गठजोड़ की हकीकत सामने आ गई. सत्ता के गलियारे से रची जाने वाली साजिश को नौकरशाहों की शह पर अंजाम दिया जाता रहा है.

बीते वर्ष इंदौर में पीएमटी परीक्षा के दौरान एक गिरोह के पकड़े जाने के बाद पुलिस ने मास्टरमाइंड जगदीश सागर को पकड़ा तो ऐसे राज खुले जिन्होंने सबकी आंखें खोल दी. मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने इस मामले की एसटीएफ से जांच के आदेश दिए.

पीएमटी फर्जीवाड़े की जांच कर रही एसटीएफ अब तक व्यापमं के तत्कालीन परीक्षा नियंत्रक पंकज त्रिवेदी के अलावा तत्कालीन उच्च शिक्षा मंत्री लक्ष्मीकांत शर्मा के ओएसडी ओपी शुक्ला सहित कई अन्य लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है. वहीं इस फर्जीवाड़े में शामिल भारतीय पुलिस सेवा के अफसर का चेहरा भी बेनकाब हो चुका है.

पीएमटी सहित अन्य परीक्षाओं में हुई गड़बड़ियों का खुलासा होने पर पूर्व उच्च शिक्षा मंत्री लक्ष्मीकांत शर्मा, भाजपा नेता सुधीर शर्मा, जनअभियान परिषद के उपाध्यक्ष अजय मेहता सहित कई प्रभावशाली लोगों को एसटीएफ पूछताछ के लिए बुला चुकी है, मगर बात इससे आगे नहीं बढ़ पाई है.

रसूखदारों के अब तक न पकड़े जाने से एसटीएफ पर भी सवाल उठने लगे हैं कि आखिर वह उन छात्रों व उनके पालकों को गिरफ्तार करने में क्षण भर भी नहीं लगाती है, जिन्होंने रकम के बल पर दाखिला लिया था, मगर उन्हें पकड़ने से कतराती है, जिनके जरिए या जिन तक रकम का हिस्सा पहुंचा है.

कांग्रेस लगातार सरकार पर व्यापमं घोटाले में असली दोषियों को बचाने के आरोप लगाती आ रही है. उसने इस मुद्दे पर आंदोलन भी किए. कांग्रेस की मांग है कि इस फर्जीवाड़े के तार कई अन्य राज्यों से जुड़े हैं, लिहाजा केंद्रीय जांच ब्यूरों को जांच सौंपी जानी चाहिए.

विपक्ष चाहे सरकार पर आरोप लगाए या सरकार की ओर से सफाई दी जाए, मगर व्यापमं घोटाले ने इतना तो साफ कर ही दिया है कि राज्य में भर्तियां योग्यता के आधार पर नहीं जुगाड़ के आधार पर बड़े पैमाने पर हुई हैं.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *