ब्यास में जलस्तर बढ़ने से तलाशी प्रभावित

मंडी | एजेंसी: ब्यास नदी के जलस्तर में अचानक वृद्धि होने से हैदराबाद के लापता 16 छात्रों व टूर आपरेटर की तलाशी का काम सोमवार को प्रभावित हुआ है. यह जानकारी अधिकारियों ने दी.

उन्होंने हालांकि, कहा कि बढ़ता जलस्तर उच्च प्रौद्योगिकी वाले ईको साउंडर उपकरण को प्रभावी रूप से काम करने में मदद करेगा.

राष्ट्रीय आपदा कार्य बल के कमांडिग अधिकारी जयदीप सिंह ने बताया, “नदी के जलागम क्षेत्र में सोमवार सुबह बारिश होने से जलस्तर में अचानक वृद्धि हो गई.”

उन्होंने कहा कि पहली बार रविवार को लगाए गए साइड-स्कैन सोनार ने बढ़ते जलस्तर के साथ प्रभावी रूप से काम करना शुरू कर दिया है. सोनार यंत्र नदी के तल की तस्वीरें लेकर शवों की तलाश में मदद करेगा.

हैदराबाद स्थित वी.एन.आर. विघ्न ज्योति इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी के 24 छात्र-छात्राएं आठ जून को ब्यास नदी में अचानक आई बाढ़ में बह गए थे. अब तक आठ शवों को निकाला जा चुका है.

इस बीच, लापता विद्यार्थियों में से अधिकांश के माता-पिता और परिवार के सदस्य रविवार रात अपने घर वापस चले गए. इनमें से चार या पांच का परिवार ही यहां रुका हुआ है. इसकी जानकारी तेलंगाना के गृहमंत्री नयनी नरसिम्हन रेड्डी ने दी जो खुद सोमवार को हैदराबाद लौट गए.

उन्होंने कहा कि अगर और कोई शव मिलता है तो स्थानीय प्रशासन उसे हैदराबाद वापस भेजने की व्यवस्था करेगा.

तेलंगाना के परिवहन मंत्री महेंद्र रेड्डी ने तलाशी अभियान का मुआयना करने के लिए दुर्घटनास्थल पर पहुंचे.

एनडीआरएफ, सेना, नौसेना और इंडो-तिब्बत सीमा पुलिस के 50 गोताखोरों सहित 550 से अधिक बचावकर्मी तलाशी अभियान में जुटे हुए हैं.

लार्जी पनबिजली परियोजना बांध से पंडोह बांद के 15 किलोमीटर के दायरे में नदी में तलाशी का काम चल रहा है.

यह हादसा उस वक्त हुआ, जब छात्र-छात्राएं तस्वीरें खिंचवाने के लिए नदी के बीचोबीच पहुंच गए, इस दौरान नजदीकी लार्जी पनबिजली परियोजना से बिना किसी चेतावनी के छोड़े गए पानी से नदी में अचानक बाढ़ आ गई, जिसमें सभी बह गए.

पुलिस ने लापरवाही बरतने और दूसरों की जिंदगी खतरे में डालने के लिए पनबिजली परियोजना के अधिकारियों के खिलाफ मामला दर्ज किया है.

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