‘जेड मैप’ से इबोला का मुकाबला

जेनेवा | एजेंसी: इबोला के कारण मरने वालों की संख्या में वृद्धि के मद्देनजर डब्ल्यूएचओ ने इस बीमारी के इलाज के लिए प्रयोगात्मक दवाओं के इस्तेमाल को मंजूरी दे दी. इस बीमारी से अबतक 1,013 लोगों की जान जा चुकी है. डब्ल्यूएचओ ने कहा कि बीते शुक्रवार से लेकर अब तक 52 मरीजों की मौत हो चुकी है, जबकि इसी दौरान 69 नए मामले सामने आए हैं, जिससे प्रभावित लोगों की संख्या बढ़कर 1,848 हो गई है.

एक बयान में डब्ल्यूएचओ की आचार समिति ने कहा कि इबोला प्रकोप से हो रही मौतों के मद्देनजर इबोला विषाणु के खिलाफ अपरीक्षित दवाओं का इस्तेमाल नैतिक तौर पर सही है.

यह घोषणा इबोला से सबसे ज्यादा प्रभावित लाइबेरिया की स्थिति को देखते हुए की गई है, जहां 323 लोगों की मौत हो चुकी है और संक्रमण के 599 मामले सामने आए हैं. आने वाले दिनों में अमेरिका लाइबेरिया को दवा उपलब्ध कराएगा.

वाशिंगटन ने लाइबेरिया को विषाणु रोधी ‘जेड मैप’ दवा उपलब्ध कराने पर सहमति जताई है, क्योंकि इस दवा से लाइबेरिया में इबोला संक्रमण का शिकार हुए दो अमेरिकी सहायताकर्मियों की स्थिति में सुधार हुआ है.

लाइबेरिया के राष्ट्रपति एलेन जॉनसन ने अमेरिका से लाइबेरिया को इबोला विषाणु से लड़ने वाली दवा उपलब्ध कराने के लिए कहा था.

अमरीकी सरकार के प्रतिनिधि द्वारा लाइबेरिया को अगले सप्ताह दवा उपलब्ध कराने की उम्मीद है.

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