नीरव मोदी पर सरकार ने दी सफाई

नई दिल्ली | संवाददाता: पंजाब नेशनल बैंक घोटाले में शामिल नीरव मोदी के मामले में सरकार ने कार्रवाई के संकेत दिये हैं. कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कहा है कि नीरव मोदी का पासपोर्ट रद्द करने की कार्रवाई शुरू की गई है. उनकी 1300 करोड़ रुपये की प्रॉपर्टी सीज़ की गई है. लुक आउट नोटिस भी जारी किए गए हैं. रविशंकर प्रसाद गुरुवार को उस समय अपनी सफाई पेश करने पहुंचे, जब कांग्रेस पार्टी ने सरकार को घेरने की कोशिश की.

कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने माना कि नीरव मोदी, उनके ग्रुप, उनके सहयोगियों ने बैंकिंग के इस्टैब्लिश्ड चैनल को बायपास करके ये गड़बड़ी करने की कोशिश की है. इसकी पूरी विस्तृत जांच होगी और किसी को भी नहीं बख़्शा जाएगा.


उन्होंने कहा कि सरकार का इसमें रुख स्पष्ट है. इसमें कोई संलिप्त पाया जाएगा, चाहे बैंक के सिस्टम में उसका कद और पद कुछ भी क्यों न हो, उसके ख़िलाफ़ सख़्त से सख़्त कार्रवाई की जाएगी. रविशंकर प्रसाद ने कहा कि कांग्रेस पार्टी ने बहुत ही बेबुनियाद आरोप लगाया है. ये छोटा मोदी कौन सा शब्द है. इस देश में करोड़ों लोग होंगे जिनका सरनेम मोदी है. कांग्रेस पार्टी क्या कहना चाह रही है?

कांग्रेस पर तंज कसते हुये उन्होंने कहा कि भारत के प्रधानमंत्री के ख़िलाफ़ उनकी पीड़ा हम समझते हैं, वो हमसे बार-बार हारते हैं. वे त्रिपुरा में भी हारने वाले हैं. क्या इस हार के गुस्से में वे राजनीतिक मर्यादा की शालीनता भी लांघ देंगे. ये अपमानजनक है. भाजपा इसका विरोध करती है. उन्होंने सफाई दी कि दावोस में नीरव मोदी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रतिनिधिमंडल का हिस्सा नहीं थे. हमारी जानकारी के मुताबिक़ वे अपने-आप दावोस पहुंचे थे. और सीआईआई की ग्रुप फ़ोटोग्राफ़ की इवेंट में वे खुद आए थे. न तो प्रधामंत्री से उनकी कोई मुलाकात हुई और न ही कोई बात हुई.

रविशंकर प्रसाद ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुये कहा कि कांग्रेस फ़ोटो की राजनीति करना बंद करे. वरना कांग्रेस के बड़े-बड़े नेताओं के साथ मेहुल चौकसी साहब की तस्वीर हमारे पास है. लेकिन हम उस स्तर पर नहीं उतरना चाहते हैं. कांग्रेस के नेता शहज़ाद पुनावाला ने आज एक ट्वीट किया है, कि सितंबर, 2013 में दिल्ली के इंपीरियल होटल में नीरव मोदी के एक कार्यक्रम में राहुल गांधी भी शरीक हुए थे. कांग्रेस पार्टी इस पर क्या कहेगी.

इस मामले में इससे पहले कांग्रेस पार्टी ने सरकार से पांच सवाल पूछे थे. कांग्रेस ने पूछा था कि नीरव मोदी दावोस में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ क्या कर रहे थे?

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की नाक के नीचे देश के सबसे बड़े बैंक को लूटा गया है, उसके लिए कौन जिम्मेदार है?

प्रधानमंत्री को जुलाई में ही इसकी जानकारी दे दी गई थी. मोदी सरकार ने क्यों नहीं कोई कार्रवाई की?

पूरा सिस्टम बायपास कैसे हो गया. हर ऑडिटर और हर जांचकर्ता की आंख की नीचे से हज़ारों करोड़ रुपये का बैंकिंग घोटाला कैसे छूट गया. क्या ये नहीं दिखाता कि कोई बड़ा आदमी इस घोटाले को संरक्षण दे रहा था. प्रधानमंत्री जी वो व्यक्ति कौन है?

देश के पूरे बैंकिंग सिस्टम का रिस्क मैनेजमेंट सिस्टम और फ्रॉड डिटेक्शन एबिलिटी कैसे खत्म हो गई. मोदी जी जवाब दीजिए.

इस बीच पीएनबी के एमडी सुनील मेहता ने कहा कि हमें जनवरी के तीसरे हफ़्ते में इस धोखाधड़ी का पता चला. हमें पता चला है कि हमारे दो कर्मचारियों ने कुछ ग़ैर-अधिकृत ट्रांजैक्शन किए थे. बैंक ने अपने स्टाफ़ के ख़िलाफ़ आपराधिक कार्रवाई की सिफ़ारिश की है. मेहता ने कहा कि हम किसी भी गलत काम को बढ़ावा नहीं देंगे. हम लोग इस चीज़ को सामने लेकर आए हैं. हमारे अधिकारियों ने इस घोटाले को सबसे पहले 2011 में पकड़ा था. तब हमने संबंधित एजेंसियों को इसकी जानकारी दी थी.

सुनील मेहता ने कहा कि बैंक ग़लती करने वालों को सज़ा दिलाने के लिए काम कर रही है. ये एकमात्र मामला है. ये हमारे बैंक की शाखाओं में से केवल एक ब्रांच में हुआ है.

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