आजम खान ने बताया झारखंड मुक्ति मोर्चा को माओवादी संगठन

लखनऊ | संवाददाता : सपा नेता और रामपुर के विधायक आजम खान ने अब झारखंड मुक्तिमोर्चा को माओवादी संगठन बना दिया है. सेना पर दिये विवादास्पद बयान के बाद सफाई देते हुये उनकी ओर से जारी बयान में कहा गया है कि सेना के खिलाफ उन्होंने कभी भी मनोबल तोड़ने वाली बात नहीं कही है.

आजम खान ने कहा है- “हमने अपनी बैठक में झारखंड के उस वाकये का जि्क्र किया है, जो तमाम हिन्दुस्तान के टेलीविजन चैनल और समाचार पत्रों ने लिखा व दिखाया कि झारखंड मुक्ति मोर्चा में शामिल दहशतगर्ग बंदूकधारी महिलायें फौजियों के गुप्तांग काट कर ले गईं.”


गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ के सुकमा में सीपीआई माओवादी के हमले में सीआरपीएफ के 26 जवानों की हत्या के बाद उनके गुप्तांग काटे जाने की अफवाह फैली थी. हालांकि सुरक्षाबल के अधिकारियों और माओवादियों ने इसे ग़लत बताया था. लेकिन इस हमले का झारखंड मुक्ति मोर्चा या झारखंड से कोई लेना-देना नहीं है.

झारखंड मुक्ति मोर्चा, झारखंड पृथक आंदोलन का सबसे बड़ा राजनीतिक दल रहा है और उसने झारखंड में कई-कई बार सरकार बनाई है, सरकार को समर्थन दिया है और विपक्ष में भी रहा है. झारखंड मुक्ति मोर्चा के नेता शीबू सोरेन की राष्ट्रीय पहचान रही है. लेकिन आजम खान की सफाई ने झारखंड मुक्ति मोर्चा को भी माओवादी संगठन बना दिया.

इससे पहले रामपुर में उन्होंने सेना को लेकर बयान दिया था कि-“उन्हें न हाथ से शिकायत थी, न पैर से शिकायत थी जिस अंग से शिकायत थी उस अंग को काटा. महिला दहशतगर्द फ़ौज के प्राइवेट पार्ट काटकर ले गईं. उन्हें जिस्म के जिस हिस्से से शिकायत थी उसे काटकर ले गईं. इससे पूरे हिन्दुस्तान को शर्मिंदा महसूस करना चाहिए.”

सपा नेता और रामपुर के विधायक आजम खान ने सफाई देते हुये कहा है कि हमने तो हमेशा भारत के प्रधानमंत्री से यही कहा है कि देश की सेना के सर काटने वाले पाकिस्तान के प्रधानमंत्री की मां के पैर मत छूओ. उन्हें आम, सिवई और कश्मीरी शाल मत भेजो. बल्कि जिन्होंने हमारे फौजियों के सर काटे हैं, उनसे बदला लो. मगर हमारी सरकार ने फौज़ियों के मारे जाने पर कोई कदम नहीं उठाया.

उन्होंने कहा-हम फासिस्ट ताक़तों के लिए आइटम गर्ल हैं. मुझे गाली देने से ही बीजेपी की राजनीति चलती है. मुझ जैसे कमज़ोर आदमी को गाली देकर क्या मिलेगा? जब जवानों के सिर काटे गए तो देश के प्रधानमंत्री नवाज शरीफ़ की मां के पैरों पर झुक रहे थे. मैं हिन्दुस्तान का सबसे अच्छा इंसान हूं. मैं फक़ीर आदमी हूं और एक छोटे से घर में रहता हूं.

आजम ने कहा कि मुल्क अराजकता की ओर जा रहा है. ट्रेन में मुसाफिर का सफर करना, भूखे का खाना खाना मौत बन गया है. धर्म के नाम पर, गोश्त के नाम पर, पहनावे के नाम पर कमज़ोरों का और मानवता का कत्ल किया जा रहा है.

सपा नेता ने कहा-“अखलाक, पहलू खान, मिन्हाज़ और अब जूनैद, ना जाने कितने गुनाहोौं के खून के छींटे पूरे मुल्क और सरकार पर हैं. मुल्क को बचाओ और बेगुनाहों का खून मत बहाओ.”

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