PMO अफसर बन IAS से ठगी

रायपुर | संवाददाता: छत्तीसगढ़ के वरिष्ठ IAS अफसर को PMO का अफसर बन ठगा गया है. भ्रष्ट्राचार के केस में फंसे छत्तीसगढ़ के वरिष्ठ IAS अफसर बीएल अग्रवाल को बुरहानुद्दीन तथा भगवान सिंह ने खुद को PMO का अफसर बन ठगा है. दोनों ने सीबीआई के केस को खत्म कराने के नाम पर बीएल अग्रवाल से 45 लाख रुपये हवाले के माध्यम से ठगे हैं. दो दिन पहले सीबीआई ने बीएल अग्रवाल के यहां छापा मारा था. उस समय यह बात निकल कर आई थी कि उन्होंने सीबीआई के केस को खत्म कराने के लिये हवाला के माध्यम से पैसे भेजे थे.

अब इस बात का खुलासा हुआ है कि बुरहानुद्दीन तथा भगवान सिंह ने खुद को PMO का अफसर बताकर बीएल अग्रवाल से 45 लाख रुपये ठग लिये. मामला कुछ-कुछ चोर पर मोर के समान है. भ्रष्ट्राचार के मामले में फंसे बीएल अग्रवाल से सीबीआई के केस को रफा-दफा कराने के नाम पर ठगी की है. सीबीआई अफसरों का कहना है कि दिल्ली के भगवान सिंह ने IAS को झांसा दिया था कि उसकी PMO में सीधी पहुंच है. उसने बुरहानुद्दीन के PMO का बड़ा अफसर बताया और कहा कि सीबीआई उसी के कंट्रोल में है. वह केस को इस एजेंसी से सीधे छत्तीसगढ़ की एजेंसी ईओडब्लू को ट्रांसफर करवा देंगे. भगवान सिंह ने IAS के साथ बुरहानुद्दीन की मीटिंग करवायी. एक ही बार में ठग ने ऐसा इंप्रेशन छोड़ा कि IAS इतनी बड़ी डील करने को तैयार हो गये.


आयकर विभाग ने साल 2010 में बीएल अग्रवाल के यहां छापा मारा था तथा उसके बाद केस को सीबीआई को सौंप दिया था. सीबीआई ने रविवार को खुलासा किया कि छत्तीसगढ़ के वरिष्ठ IAS अफसर बीएल अग्रवाल ने अपने खिलाफ सीबीआई जांच के प्रभावित करने के लिये बिचौलिये को हवाला के माध्यम से धन भेजा था. IAS अफसर ने बिचौलिये से मामले को निपटाने के लिये 1.5 करोड़ रुपये में सौदा किया था. इसी सिलसिले में सीबीआई ने शनिवार को छत्तीसगढ़ वरिष्ठ IAS अफसर बीएल अग्रवाल के यहां छापा मारा था.

सीबीआई ने बीएल अग्रवाल, हैदराबाद निवासी सैय्यद बुरहानुद्दीन व नोयडा में रहने वाले भगवान सिंह के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है. इस मामले में बीएल अग्रवाल का रायपुर निवासी साला आनंद अग्रवाल और दो हवाला ऑपरेटर संजय तापरिया एवं कांति पुगालिया भी सीबीआई के निशाने पर हैं. सीबीआई सूत्रों का कहना है कि आरोपी अफसर ने रायपुर के हवाला कारोबारी के माध्यम से 45 लाख रुपये नोयडा में रहने वाले भगवान सिंह को भेजा गया था. इसमें से 20 लाख रुपये नोयडा में रहने वाले बिचौलिये को हवाला कारोबारी ने दे दिये थे.

बाकी की रकम सोने के रूप में दी जानी थी. जिसमें से दो किलो सोना छापे के दौरान बरामद कर लिया गया है. यह हैदराबाद के व्यक्ति सैय्यद बुरहानुद्दीन के माध्यम से भेजी जानी थी. सीबीआई ने रायपुर के हावाला कारोबारी के यहां भी छापे मारे हैं.

गौरतलब है कि 1988 बैच के बाबूलाल अग्रवाल अभी छत्तीसगढ़ सरकार में उच्च शिक्षा विभाग के प्रमुख सचिव हैं.

बाबूलाल अग्रवाल का नाम 2010 में पहली बार उस समय चर्चा में आया था, जब उनके खिलाफ आय से अधिक संपत्ति के मामले में आयकर विभाद की कार्रवाई हुई थी.

बाबूलाल पर आरोप लगा कि उन्होंने रायपुर ज़िले के खरोरा के 220 गांव वालों के नाम से फर्जी बैंक खाते खुलवा कर उसमें भारी निवेश किया है. बाबूलाल पर 253 करोड़ की संपत्ति तथा 85 लाख के बीमा की खबरें सामने आई थीं.

इसकी कई कहानियां छपी, अफवाहें उड़ीं, बाबू लाल निलंबित हुये और अंततः सरकार ने बाबूलाल अग्रवाल को बेदाग घोषित करते हुये उन्हें महत्वूर्ण पद दे दिया. बाबूलाल अग्रवाल ने पूरे मामले को उच्च न्यायालय में चुनौती दी थी, जिसके बाद उन्हें बेदाग घोषित किया गया था.

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