छत्तीसगढ़ में बढ़े रेप-अपहरण

रायपुर | संवाददाता: छत्तीसगढ़ में रेप एवं अपहरण के मामले बेतहाशा बढ़े हैं. खासकर पिछले 5 सालों में रेप के मामलों में 54 फीसदी तथा अपहरण के मामलों में 341 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है. आकड़ें चौंकाने वाले जरूर हैं पर हैं सरकारी ही तथा केन्द्र सरकार द्वारा जारी किये गये हैं. इसमें दिलासा देने वाली बात यह है कि पिछले 5 सालों में हत्या के मामलों में 16 फीसदी की कमी आई है.

छत्तीसगढ़ बनने के बाद से 15 सालों में रेप के मामलों में 62.66 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है. इसी तरह से छत्तीसगढ़ बनने के बाद से 15 सालों में राज्य में अपहरण के मामलों में 906.28 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है. इसे महज जनसंख्या वृद्धि के साथ नहीं जोड़ा सकता. छत्तीसगढ़ में साल 2001 की तुलना में साल 2011 में जनसंख्या वृद्धि की दशकीय दर 22.59 फीसदी रही है.


छत्तीसगढ़ में साल 2001 में रेप के 959 मामले दर्ज किये गये जबकि साल 2011 में 1012 मामले दर्ज हुये. इस तरह से रेप के मामलों में राज्य में दशकीय वृद्धि की दर 5.52 फीसदी रही लेकिन साल 2015 में रेप के 1560 मामलें दर्ज किये गये. इस तरह से पिछले 5 सालों में ही रेप की घटनाओं में 54.15 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है.

इसी तरह से साल 2001 में अपहरण के 207 मामलें दर्ज हुये थे तो साल 2011 में बढ़कर 472 हो गये. अर्थात् 10 साल में अपहरण के मामलें बढ़कर 128 फीसदी हो गये. जबकि अपहरण के मामलें में साल 2011 तथा 2015 की तुलना करने पर निष्कर्ष निकलता है कि इसमें 341.31 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है.

इसी तरह से राज्य बनने के 10 सालों में हत्या के मामलें में 26.13 फीसदी की बढ़ोतरी हुई. वहीं पिछले 5 सालों में हत्या के मामलों में 16 फीसदी की कमी आई है.

* छत्तीसगढ़ में साल 2001 में 880 हत्या, साल 2011 में 1110 हत्या तथा साल 2015 में 929 हत्यायें हुई हैं.

* छत्तीसगढ़ में साल 2001 में 959 रेप, साल 2011 में 1012 तथा साल 2015 में 1560 रेप हुये थे.

* छत्तीसगढ़ में साल 2001 में अपहरण के 207 मामलें दर्ज हुये थे, वहीं साल 2011 में 472 तथा साल 2015 में 2083 अपहरण हुये.

* छत्तीसगढ़ में साल 2001 में लूट तथा डकैती के 425 मामलें, साल 2011 में 538 तथा साल 2015 में 464 मामलें दर्ज किये गये.

* छत्तीसगढ़ में साल 2001 में चोरी के 8956, साल 2011 में 8863 तथा साल 2015 में 9074 मामले दर्ज किये गये.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!