गोरखालैंड में बांग्ला पर तनाव बढ़ा

दार्जिलिंग | संवाददाताः गोरखालैंड के इलाके में गोरखा जनमुक्ति मोर्चा के बंद के आह्वान का व्यापक असर नज़र आया है.दार्जिलिंग और कलिम्पोंग ज़िलों में तनाव की खबर है. कई जगहों पर वाहनों को जलाये जाने की खबर सामने आई है. प्रदर्शनकारियों द्वारा जगह-जगह रास्ता बंद किये गये हैं, जिससे पहाड़ के इलाके में स्थिति अस्त-व्यस्त हो गई है.

इस बीच गोरखा जनमुक्ति मोर्चा के नेता विमल गुरुंग ने कहा है कि सरकार अगर झुकने के लिये तैयार नहीं है तो पहाड़ के लोग भी लगातार संघर्ष के लिये तैयार हैं. विमल गुरुंग ने अपनी लड़ाई को लंबे समय तक चलाने के संकेत दिये हैं.


गौरतलब है कि हाल ही में पश्चिम बंगाल की ममता बनर्जी सरकार ने एक अधिसूचना जारी करते हुये सभी स्कूलों में बांग्ला भाषा की पढ़ाई को अनिवार्य कर दिया है. गोरखालैंड की मांग कर रहे गोरखा जनमुक्ति मोर्चा सरकार के इस निर्णय का विरोध कर रही है.

दूसरी ओर राज्य की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने साफ कहा है कि बांग्ला भाषा की पढ़ाई की अनिवार्यता का आदेश पहाड़ के इलाकों में लागू नहीं होगा. बल्कि छात्र सुविधानुसार अपनी भाषा का चुनाव कर सकते हैं. लेकिन गोरखा जनमुक्ति मोर्चा की मांग है कि सरकार अपनी अधिसूचना को वापस ले.

इस बीच ममता बनर्जी की सरकार ने दबाव बनाने के उद्देश्य से गोरखा टेरिटोरियल एडमिनिस्ट्रेशन और गोरखा जन मुक्ति मोर्चा के क्षेत्र वाले नगर निगमों में वार्षिक आय-व्यय की जांच शुरु कर दी है. माना जा रहा है कि इस तरह की कोशिशों से विमल गुरुंग और उनकी पार्टी दबाव में आ कर अपना आंदोलन वापस ले सकती है. लेकिन तेवर को देखते हुये लगता नहीं है कि यह इतना आसान होगा.

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