बॉर्डर गावस्कर सिरीज़ भारत के नाम

नई दिल्ली | संवाददाताः बॉर्डर गावस्कर सिरीज़ पर भारत ने जीत हासिल करते हुये कब्जा जमा लिया है.

चार मैचों की इस सिरीज में दो विकेट के नुकसान पर 106 रन बना लिये और आट विकेट से जीत हासिल कर के आस्ट्रेलिया को पछाड़ दिया.


धर्मशामा मे चल रहे इस मैच की पहली पारी में अस्ट्रेलिया ने 300 रन बना कर भारत के सामने बड़ी चुनौती रखी थी. लेकिन भारत ने आसानी से 332 रन बना कर आस्ट्रेलिया की उम्मीदों पर पानी फेर दिया. हालत ये हुई कि दूसरी पारी में आस्ट्रेलिया के हौसले पस्त हो गये और पूरी टीम 137 रनों पर ही धाराशाई हो गई.

बीबीसी के अनुसार चौथे दिन भारतीय बल्लेबाज़ दूसरी पारी में 19 रनों से आगे खेलते हुए लंच से पहले ही लक्ष्य हासिल कर लिया. रवींद्र जडेजा ने पहली पारी में 63 रन बनाए और एक विकेट भी झटका. दूसरी पारी में उन्होंने तीन विकेट लेकर ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाजों को बैकफुट पर ले जाने में अहम भूमिका निभाई. भारत के ओपनर बल्लेबाज़ केएल राहुल ने पहली पारी में 60 रन बनाए थे.

दूसरी पारी में उन्होंने 75 गेंदों में 9 चौकों की मदद से 51 रनों का महत्वपूर्ण योगदान किया और नाबाद रहे. पुजारा पहली पारी में तीसरे सर्वाधिक रन बनाने वाले बल्लेबाज थे. उन्होंने 57 रन बनाए. हालांकि दूसरी पारी में उनकी क़िस्मत ने साथ नहीं दिया और वो शून्य पर ही रन आउट हो गये. मैच का रुख बदलने का श्रेय भारतीय गेंदबाज़ों को है, जिन्होंने दूसरी पारी में ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाजों को महज 137 रनों पर आउट कर दिया.

उमेश यादव ने दूसरी पारी में तीन विकेट लिए और भारत को ब्रेक-थ्रू दिलाई. उनके साथ ही जडेजा ने तीन और अश्विन ने भी तीन विकेट लिए. मैच में डेब्यू करने वाले कुलदीप यादव ने पहली पारी में 68 देकर चार विकेट लिए. भारतीय कप्तान विराट कोहली के घायल होने की वजह से कुलदीप को टीम में शामिल किया गया है.

असल में बाएं हाथ के स्पिन गेंदबाज़ कुलदीप गेंद को कलाई से स्पिन कराते हैं. क्रिकेट की शब्दावली में इस तरह के गेंदबाज़ को ‘चाइनामैन’ कहा जाता है. भारत के भरोसेमंद गेंदबाज़ आर अश्विन ने पहली पारी में उस समय विकेट लिया जब ऑस्ट्रेलियाई टीम एक बड़ा स्कोर खड़ा करने की ओर थी. ऑस्ट्रेलियाई कप्तान स्टीवन स्मिथ शतक लगा चुके थे और उन्हें 111 रनों पर अश्विन ने आउट कर भारत की एक बड़ी बाधा को ख़त्म किया. चार टेस्ट मैचों की सीरीज़ में पहला मैच ऑस्ट्रेलिया ने और दूसरा भारत ने जीता था, जबकि तीसरा मैच ड्रॉ रहा था.

भारतीय बल्लेबाज और गेंदबाजों ने एक बार फिर से साबित कर दिया है कि अगर टीम स्प्रीट हो तो किसी भी टीम से कोई भी मुकाबला जीता जा सकता है.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!