मुश्किल में है नाम, तैमूर अली खान

मुंबई | मनोरंजन डेस्क: मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल में मंगलवार सुबह करीना कपूर ने लड़के को जन्म दिया. बच्चे का जन्म सुबह के करीब 7:30 बजे हुआ है. सैफ तथा करीना ने बच्चे का नाम तैमूर अली खान पटौदी रखा है. बच्चे का नाम तैमूर अली रखा गया है इसकी घोषणा सबसे पहले ट्वीटर पर करण जौहर ने की.

उसके बाद से ट्वीटर पर सैफ-करीना के बच्चे का नाम तैमूर रखे जाने पर तीखी प्रतिक्रिया आ रही है. सोशल मीडिया में भी #Taimur हैशटैग ट्रेंड कर रहा है.


लोग एक छोटे बच्चे के नाम पर अपनी प्रतिक्रिया दे रहे हैं जिसकी उम्र भी एक दिन की नहीं हुई है. बच्चे को न ही अपने नाम के इतिहास के बारें में कोई जानकारी है और न ही उसने खुद इस नाम को चुना है.

दरअसल तैमूरलंग इतिहास में एक खूनी योद्धा के तौर पर मशहूर हुये. 14वीं शताब्दी में उन्होंने युद्ध के मैदान में कई देशों की जीता. कहते हैं कि तैमूरलंग को अपने दुश्मनों के सिर काटकर जमा करने का शौक था.

तैमूरलंग का जन्म समरकंद में 1336 में हुआ था. ये इलाका अब उजबेकिस्तान के नाम से मशहूर है. कई मायनों में तैमूरलंग सिकंदर महान और चंगेज़ ख़ान से कहीं ज्यादा चमकदार शख्सियत के मालिक थे.

एक हादसे में तैमूर लंगड़ा हो गये थे. आगे चलकर लोग उन्हें फारसी में मजाक मजाक में तैमूर-ए-लंग (लंगड़ा तैमूर) कहने लगे.

सोशल मीडिया में जिस तरह से सैफ-करीना के बेटे का नाम तैमूर रखे जाने से प्रतिक्रिया आ रही है उससे जाहिर होता है कि लोगों को तैमूर नाम से ही नफरत है. इससे जाहिर होता है कि सोशल मीडिया में सक्रिय एक बड़ा वर्ग कितना असहिष्णु हो गया है.

एक ट्वीटर हैंडल Piyush Pandey ‏@pandeypiyush से ट्वीट किया गया है, “आज तक कोई भी बच्चा पैदा होते ही ट्रेंड नहीं बना. #Taimur ने ये कर दिखाया है. लगता है बेटा बाप से आगे जायेगा.

hiren lehru ‏@HirenLehru से ट्वीट किया गया है, “भारतीय लोगों को मौत के घाट उतारने वाले “तैमूर लंग” के नाम पर अपने बेटे का नाम रखा हो उससे देशभक्ति की अपेक्षा कैसे की जा सकती है? #Taimur”

एक ट्वीटर हैंडल यशस्वी भवः !!! ‏@brijeshsinghrc1 से ट्वीट किया गया, “#Taimur तैमूर ही क्यूँ बगदादी, हाफिज रख ले..हमें क्या मतलब? हमारे कहने से कौन सा अब्दुल कलाम रख लेगा.. वो जिसको आदर्श माने, वही तो रखेगा !!”

धर्मरक्षक ‏@OvOmprakash से ट्वीट किया गया है, “#Taimur करीना को अपने बेटे का नाम तैमूर की बजाय बगदादी रखना चाहिये था थोड़ा मोर्डन तो लगता.”

मामला कुछ-कुछ स्कूली किताब के उस कहानी के समान है जिसमें शेर बकरी को खाने के लिये कहता है तूने मेरे पानी को जूठा कर दिया है. जब बकरी कहती है कि महाराज मैं तो घाट के उस हिस्से से पानी पी रही हूं जो नीचे हैं. आप जहां पर पानी पी रहें हैं वह उपर है. भला मैं आपके पानी को जूठा कैसे कर सकती हूं.

तब शेर कहता है तूने नहीं को तेरे पुरखों ने पानी जूठा किया होगा और शेर बकरी को खा जाता है. इसी तरह से तैमूर लंग के मौत के करीब 800 साल बाद उसके नाम को लेकर करीना-सैफ के बच्चे को कोसा जा रहा है.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!