फिर नोटा पर भरोसा

रायपुर | संवाददाता: छत्तीसगढ़ में नोटा का जादू फिर नज़र आया है. लोकसभा की 11 में से पांच सीटों पर नोटा तीसरे नंबर पर रहा. इन पांच सीटों पर कांग्रेस और भाजपा के बाद नोटा ही लोगों की पसंद बना रहा.

माओवाद प्रभावित बस्तर में बस्तर और कांकेर सीट पर हार-जीत के अंतर से कहीं अधिक वोट नोटा में पड़े हैं.


बस्तर और कांकेर सीट पर हार-जीत के अंतर से कहीं अधिक वोट नोटा में पड़े हैं.

यहां तक कि तीन सीटों पर भी नोटा ने पर्याप्त जगह बनाई और वह चौंथे नंबर पर रहा.

लोकसभा चुनाव के आंकड़ों को देखें तो बस्तर लोकसभा क्षेत्र में नोटा का बटन दबाने वालों की संख्या 41,667 रही. जबकि इस सीट पर जीत दर्ज कराने वाले कांग्रेस नेता दीपक बैज और हारने वाले भाजपा प्रत्याशी बैदूराम कश्यप के बीच 38,982 वोटों का अंतर था.

इसी तरह कांकेर लोकसभा क्षेत्र में 26,713 लोगों ने नोटा का बटन दबाया. जबकि जीतने वाले भाजपा के मोहन मंडावी और कांग्रेस के बीरेश ठाकुर के बीच वोटों का अंतर महज 6,914 वोटों का था.

राजनांदगांव में नोटा को 19,436 वोट मिले. महासमुंद में 21,241 लोगों ने नोटा को चुना. इसी तरह सरगुजा में 29,265 लोगों ने नोटा का बटन दबाया.

इन तीनों सीटों पर नोटा तीसरे स्थान पर रहा. बसपा और गोंगपा जैसी पार्टियां यहां नोटा से पीछे रह गईं.

कोरबा, जांजगीर-चांपा और रायगढ़ में नोटा चौंथे स्थान पर रहा. इन तीनों लोकसभा क्षेत्र में नोटा के खाते में क्रमशः 19305, 9,981 और 15,729 वोट नोटा में पड़े.

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