बस्तर के 3 जिलों में एक भी किसान का फसल बीमा नहीं

रायपुर | संवाददाता: बस्तर के 3 जिलों में एक भी किसान ने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में बीमा नहीं कराया है. एक जिले में तो महज 2 किसानों ने फसल बीमा कराया है. सरकार के तमाम दावों के उलट रबी फसल 2017-18 के लिये एक भी किसान द्वारा बीमा नहीं कराये जाने का आंकड़ा सामने आने के बाद सरकारी अधिकारी भी भौंचक है. हालांकि जमीनी कर्नचारियों का कहना है कि सरकार ने खुद ही इस फसल बीमा को प्रचारित-प्रसारित नहीं करवाया, इसलिये इस साल ओला और बारिश के बाद खराब हुई फसलों के बदले बीमा का लाभ बस्तर के इन 3 जिलों के किसानों को नहीं मिल पायेगा.

कृषि विभाग के अनुसार राज्य के 43 लाख किसानों में से 1,51,217 किसानों ने प्रधानमंत्री फसल बीमा के तहत बीमा करवाया है, जिनमें लगभग आधे 68,321 किसान एकमात्र राजनांदगांव जिले के हैं. राजनांदगांव मुख्यमंत्री रमन सिंह और उनके बेटे सांसद अभिषेक सिंह का गृह जिला है.


पिछले साल राज्य के 10 जिलों में फसल बीमा की जितनी रकम किसानों को मिली थी, उतनी रकम अकेले राजनांदगांव जिले के किसानों को बांटी गई थी. जाहिर है, ऐसे में पूरे राज्य के 26 जिले एक तरफ और राजनांदगांव जिला एक तरफ होने के कारण को समझा जा सकता है. लेकिन बस्तर के आदिवासी जिलों में एक भी किसान का बीमा के लिये सामने नहीं आने का कारण राजधानी के अफसर भी नहीं समझ पा रहे हैं.

बस्तर के कोंडागांव ज़िले में महज दो किसानों ने फसल बीमा करवाया है, जबकि नारायणपुर, बीजापुर और सुकमा में एक भी किसान ने प्रधानमंत्री फसल बीमा के तहत बीमा नहीं कराया है.

सरकारी अफसरों ने दावा किया था कि आदिवासी बहुल बस्तर के सभी सात जिलों में किसानों ने चना, गेहूं, अलसी, सरसों, तिवरा और आलू की फसल लगाई है. इनके उत्पादन के भी बड़े-बड़े दावे किये गये थे. लेकिन इनमें से एक भी किसान द्वारा फसल बीमा नहीं कराये जाने से सरकारी अधिकारियों के माथे पर बल पड़ गये हैं. हालांकि अफसरं का दावा है कि ये अंतिम आंकड़े नहीं हैं और इसके बारे में पता लगाया जा रहा है.

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