छत्तीसगढ़ के बस्तर में दिखा UFO ?

कांकेर | संवाददाता: छत्तीसगढ़ के कांकेर के पास मंगलवार सुबह उड़न तश्तरी देखने दावा किया जा रहा है. मंगलवार की सुबह कांकेर से 18 किलोमीटर दूर कोदागांव के लोगों का कहना है कि सुबह के समय तेज आवाज करती हुई एक गोल सी चीज उड़ती दिखी थी जो कुछ ही समय बाद गायब हो गई. मंगलवार दिनभर गांव में इसी की चर्चा होती रही. कोदागांव के लोगों का कहना है कि सुबह के 4 बजे के आसपास उन्हें यह उड़न तश्तरी के समान चीज दिखाई दी थी.

गांव की 55 साल की देवबती अधिया का कहना है कि वह सुबह के समय आंगन में अंगीठी जला रही थी उसी समय उसने आकाश में गोल चमकदार चीज देखी जो तेजी से उड़ रही थी. कई और लोगों ने उसी समय तेज आवाज के साथ बादल के गरजने के समान आवाज सुनी तथा उस समय तेज हवा चलने लगी थी. धूल उड़ रहा था, बाहर धुंध छाई हुई थी लेकिन कुछ दिखाई नहीं दे रहा था.


सुलोचना नेताम ने कहा कि तेज आवाज के कारण उसकी मुर्गियों ने शोर मचाना शुरु कर दिया था इसलिये उसकी नींद खुली. बाहर तेज हवा चल रही थी तथा धूल के गुबार में कुछ दिखाई नहीं दे रहा था.

गौरतलब है कि दुनिया के कई देशों में यदाकदा उड़नतश्तरी देखे जाने के दावे होते रहे हैं. ऐसा माना जाता है कि किसी दूसरे ग्रह से आने वाली उड़नतश्तरी पृथ्वी पर टोह लेने आती है तथा चली जाती है. इसी के साथ दूसरे ग्रह पर जीवित सभ्यता के होने कयास लगाये जाते रहे हैं.

वैज्ञानिकों का भी मानना है कि दूसरे ग्रह में जीवन की संभावना है तथा उड़नतश्तरी जैसी किसी चीज का अस्तित्व हो सकता है. इसे यूएफओ याने अनआइडेंटिफाइड फ्लांइग आब्जेक्ट कहा जाता है.

इस बात के दावे भी किये जाते हैं कि जब पहली बार अमरीकी अंतरिक्ष यात्री नील आर्मस्ट्रांग चंद्रमा पर गये थे तो वहां पर दिगर ग्रह के लोग उपस्थित थे. उसके बाद से अमरीका ने चंद्रमा पर खोज बंद कर दी थी. लेकिन छत्तीसगढ़ के बस्तर में ऐसा पहली बार सुनने में आ रहा है कि उड़नतश्तरी जैसी कोई चीज दिखी थी.

हालांकि, किसी तरह के चक्रवात की आशंका को खारिज नहीं किया जा सकता जिसे उड़नतश्तरी समझा जा रहा हो. ऐसा माना जाता है कि जहां पर उड़नतश्तरी एक बार दिखती है वहीं पर बाद में भी देखी जाती है. क्या कांकेर के पास के गांव में सही में मंगलवार सुबह कोई उड़नतश्तरी आई थी इसका जवाब समय तथा विज्ञान के पास ही है.

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